Tuesday, October 11, 2011

ईदगाह से बाँदीकुई डीएमयू यात्रा


ईदगाह से बाँदीकुई डीएमयू यात्रा 

आज मैं घर पर फ्री था, कोई काम नहीं था तो स्टेशन की तरफ निकल गया। आज आगरा कैंट ना जाकर सीधे ईदगाह स्टेशन गया, यहाँ अभी कुछ दिन पहले जापानी ट्रेन जैसी दिखने वाली एक डीएमयू शुरू हुई है जो अब बाँदीकुई तक जाने लगी है। यह बांदीकुई जाती है और फिर वहां से वापस आगरा आ जाती है। अपना किराया तो  लगता ही नहीं है इसलिए चल दिए इसी ट्रैन से एक यात्रा बाँदीकुई की और करने।  काफी समय पहले में इस लाइन पर भरतपुर तक यात्रा कर चूका हूँ तब यह लाइन मीटर गेज हुआ करती थी। गेज परिवर्तन के बाद यह मेरा पहला मौका है जब मैं इस ट्रैक पर यात्रा कर रहा हूँ।  मैं ईदगाह स्टेशन पहुंचा, कुछ देर में ट्रेन भी पहुँच गई। ट्रैन में अपना स्थान ग्रहण कर मैं यात्रा पर रवाना हो चला। 

ईदगाह के बाद बिचपुरी, रायभा निकलने के अछनेरा स्टेशन आता है। यह उत्तर प्रदेश और राजस्थान का सीमा केंद्र है और साथ ही किसी ज़माने में मीटरगेज का मुख्य जंक्शन पॉइंट था। यहाँ से एक लाइन मथुरा, हाथरस होते हुए कुमांयु और पूर्वोत्तर की तरफ चली जाती है और दूसरी लाइन हमें सीधे राजस्थान में प्रवेश कराती है। 
फ़िलहाल हम राजस्थान में प्रवेश करेंगे। राजस्थान एक बहुत बड़ा राज्य है जिसका प्रवेश द्वार भरतपुर कहलाता है और इसका एक आखिरी जिला जैसलमेर भी है जो अभी यहाँ बहुत दूर है। अछनेरा से निकलने के बाद ट्रैन  भरतपुर जिले में प्रवेश करती है जिसका पहला राजस्थानी रेलवे स्टेशन चिकसाना है, इसके बाद इकरन, नोह् बछामदी और फिर भरतपुर। भरतपुर से ठीक पहले उत्तर मध्य रेलवे की सीमा समाप्त हो जाती है क्योंकि भरतपुर पश्चिम मध्य रेलवे का मुख्य जंक्शन पॉइंट है जो दिल्ली से बांद्रा वाली मुख्य लाइन पर स्थित है। भरतपुर से निकलने के बाद अपने उत्तर मध्य रेलवे की सीमा फिर से शुरू हो जाती है जो बांदीकुई तक बनी रहती है। 

भरतपुर के बाद हेलक, पपरेला, नदबई, खेड़ली, घोसराना, मंडावर महुआ रोड, भूडा, करणपुरा, भजेरा, बिवाई, श्री घासी नगर और फिर उसके बाद बांदीकुई जंक्शन। बांदीकुई पर दिल्ली से रेवाड़ी, अलवर से होकर आने वाली रेलवे लाइन मिलती है जो जयपुर और उससे आगे तक जाती है।  इसके बाद उत्तर मध्य रेलवे की सीमा समाप्त हो जाती है और उत्तर पश्चिम रेलवे की सीमा शुरू हो जाती है जो फिर पूरे राजस्थान में बनी रहती है।   
मैं स्टेशन के बाहर निकला बड़ी से राजस्थानी कचौड़ी खाकर वापस अपनी ट्रेन में आकर बैठ गया। थोड़ी देर रुकने के बाद ट्रेन  वापस आगरा की ओर प्रस्थान कर जाती है और इस तरह मेरी एक बेफिजूल की यात्रा सम्पन्न होती है। 


ईदगाह आगरा जंक्शन 

ईदगाह आगरा जंक्शन

चिकसाना रेलवे स्टेशन 

पपरेरा रेलवे स्टेशन 



नदबई रेलवे स्टेशन 

तालछेरा बरौलीरान रेलवे स्टेशन 

खेड़ली रेलवे स्टेशन 

दांतिया रेलवे स्टेशन

घोसराना रेलवे स्टेशन 

मंडावर महुआ रोड रेलवे स्टेशन 

भूड़ा रेलवे स्टेशन 

करणपुरा रेलवे स्टेशन 

भजेरा रेलवे स्टेशन 

बिवाई रेलवे स्टेशन 

श्री घासीनगर रेलवे स्टेशन 

बाँदीकुई रेलवे स्टेशन और अपनी डीएमयू , बराबर में बरेली पैसेंजर भी खड़ी है जिसका एक भाग चंदौसी से बरेली की तरफ तथा दूसरा ऋषिकेश जाता है। 

बांदीकुई जंक्शन 

बाय बाय बांदीकुई 
धन्यवाद 

Saturday, January 1, 2011

Gangasagar


गंगासागर की एक यात्रा 

    जनवरी की भरी सर्दियों में घर से बाहर कहीं यात्रा पर जाना एक साहस भरा काम है और यह साहस भरा काम भी हमने किया इसबार गंगासागर की यात्रा पर जाकर। भारत देश में अनेकों पर्यटन स्थल हैं और पर्यटन स्थल का एक अनुकूल मौसम भी होता है इसी प्रकार गंगासागर जाने का सबसे उचित मौसम जनवरी का महीना होता है क्योंकि मकरसक्रांति के दिन ही गंगासागर में स्नान का विशेष महत्व है। मकर सक्रांति आने से पहले ही यहाँ मेले की विशेष तैयारी होने लगती है। ये लोकप्रिय कहावत प्रचलित है :- सारे तीर्थ बार बार, गंगासागर एक बार।

CHANDERI PART - 3

चंदेरी - एक ऐतिहासिक शहर,  भाग - 3 यात्रा को शुरू से ज़ारी करने के लिए यहाँ क्लिक कीजिये ।     अब हम चंदेरी शहर से बाहर आ चुके...