Monday, October 23, 2017

Brahmakund


ब्रह्मकुंड - गर्मपानी का कुंड 



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       अजातशत्रु के किले से थोड़ा आगे चलने पर राजगीर पर्वत दिखाई देता है, यह पर्वत गिद्धकूट पर्वत के ठीक सामने है। राजगीर पर्वत को वैभारगिरि पर्वत भी कहते हैं। राजगीर में ऐसे पांच पर्वत हैं जो जैनियों के धार्मिक स्थल हैं। महावीर स्वामी और जैनधर्म के अन्य अनुयायिओं से जुड़े यह पर्वत आज भी जैन धर्म की व्याख्या करते नजर आते हैं। राजगीर पर्वत के नीचे ही गरमपानी के कुंड हैं। इन्हे ब्रह्मकुंड कहा जाता है। हिन्दू धर्म में इस कुंड का अत्यधिक महत्त्व है। अभ्रक, गंधक से युक्त ब्रह्मकुंड का पानी गर्म होता है और चर्मरोग में काफी लाभदायक होता है।



         मैं कल रोहतास में नदी में नहाया था आज इस गरमपानी के कुंड में नहाने का मौका मिला। अधिक मात्रा में बिहार के अधिकांश लोग इस कुंड में नहा रहे थे। यहाँ गर्मजल राजगीर पर्वत  से सप्तधाराओं से निकलता है। सप्तधाराओं में स्नान करने के बाद ही लोग ब्रह्मकुंड में स्नान करते हैं। इस कुंड का जल अत्यधिक गर्म होता है परन्तु एक बार कुंड में उतरजाने के बाद यह इतना गर्म नहीं लगता है। वैसे कहा जाए तो यहाँ के निवासिओं की सर्दी के मौसम में मौज ही रहती होंगी।  न गर्म पानी करने की जरुरत और नहीं शरीर के किसी रोग डर।

         ब्रह्मकुंड के बाहर एक ठन्डे पानी का कुंड भी है, यह एक शानदार कुंड है और नया बना हुआ है।  इस कुंड में नहाने और इसे देखने के लिए यहाँ टिकट लगता है। इसके अलावा सूर्यकुंड और मखदूम कुंड भी यहाँ दर्शनीय हैं। समयावधि के कारण मैं इन दोनों कुंडों को नहीं देख पाया था। 


BRAHMKUND, RAJGIR 

BRAHMKUND, RAJGIR

BRAHMKUND , RAJGIR 

BRAHMKUND, RAJGIR 

BRAHMKUND, RAJGIR

एक ऐतिहासिक ईमारत, राजगीर 

ब्रह्मकुंड, राजगीर 

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1 comment:

  1. यहाँ भी स्नान का मौका ले ही लिया।

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