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Wednesday, February 20, 2013

कन्याकुमारी





भारत का अंतिम छोर - कन्याकुमारी 

कन्याकुमारी 
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      किला पैसेंजर से  सुबह चार बजे हम नागरकोइल स्टेशन पहुंचे । कन्याकुमारी यहाँ से पंद्रह किमी दूर थी , स्टेशन के बाहर आकर हमने दो ऑटो किराये पर किये बस स्टैंड के लिए, बस स्टैंड स्टेशन से एक दो किमी की दूरी पर था, पहले पता होता तो पैदल भी आ जाते। बस स्टैंड पर कन्याकुमारी की बस तैयार खड़ी थी, बस ने हमें सुबह 5 बजे कन्याकुमारी उतार  दिया। कन्याकुमारी की सबसे खास चीज़ है यहाँ का सूर्योदय जिसे देखने दूर दूर से लोग यहाँ आते हैं, आज मुझे भी ये मौका मिलने वाला था, कन्याकुमारी में बस से उतारकर मैं सीधे समुन्द्र के किनारे पहुंचा और सूर्योदय का इन्तजार करने लगा, यहाँ पहले से भी अधिक संख्या में पर्यटक बैठे हुए थे और सूर्योदय होने का इंतजार कर रहे थे ।

मदुरै यात्रा




                                                मीनाक्षी मंदिर - मदुरै की शान 


मीनाक्षी मंदिर 

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   सुबह पांच बजे हम मदुरै पैसेंजर से मदुरै की तरफ रवाना हुए, एक्सप्रेस ट्रेनों की अपेक्षा पैसेंजर ट्रेनों मे आपको लोकल संस्कृति देखने को मिल सकती है, क्योंकि वो जिस राज्य में से होकर गुजरती है उसकी सवारियां भी अधिकतर उसी राज्य की होती हैं। हमारे आसपास भी तमिलनाडु के ही लोग बैठे हुए थे जो आपस में बातें करते जा रहे थे , क्या बातें कर रहे थे ये मेरी समझ से बाहर था, और हम भी आपस में जब हिंदी बोल रहे थे तो वे भी नहीं समझ पा रहे थे, गर मुझे उनसे कुछ पूछना होता था तो इंग्लिश का प्रयोग करना पड़ता था। आप दुनिया के किसी भी कोने में चले जाओ इंग्लिश आपका हर जगह साथ देगी, शायद इसीलिए इसे अंतरराष्ट्रीय भाषा कहा जाता है ।

Tuesday, February 19, 2013

रामेश्वरम यात्रा



रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग की ओर 

रामेश्वरम मंदिर 
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      शाम के पांच बज गए थे, सेतु एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से चेन्नई से प्रस्थान कर चुकी थी, मैंने सोचा नहीं था कि ये सफ़र इतना रोमांचक हो सकता है , कैसे ?  बताता हूँ , शाम का वक़्त तो था ही, ट्रेन को डीजल इंजन बड़ी मस्त गति से दौड़ा रहा था, और साथ ही साथ हमारे साथ अभी चेन्नई भी चल रहा था, काफी देर बाद मुझे लगा कि ट्रेन समुद्र के किनारे चल रही है परन्तु ये समुद्र नहीं था, ये कोलावई झील थी जो बहुत बड़ी और शानदार झील थी। ट्रेन झील के बिलकुल किनारे किनारे चल रही थी, ये मेरे सफ़र का एक वाकई सुखद अनुभव था ।

Saturday, February 16, 2013

तमिलनाडु यात्रा

   
चेन्नई यात्रा         


CHENNAI CENTRAL RAILWAY STATION


     आज मैं अपने परिवार सहित रामेश्वरम के दर्शन हेतु निकल पड़ा। आगरा कैंट स्टेशन पर पहुंचे तो देखा तमिलनाडु एक्सप्रेस एक घंटा लेट आ रही है, हालाँकि मुझे आरक्षण जीटी एक्सप्रेस में करवाना चाहिए था क्योंकि उससे न तो मेरी और साथ के सभी की रात खराब होती और ना ही मुझे एक घंटे का इंतजार करना पड़ता। चलो रात के सही दो बजे तमिलनाडु भी आ गयी। सीट पर पहुंचे तो वहां पहले से ही कोई सोया पड़ा था।

    मैंने उसे जगाया और सीट खाली करने के लिए कहा। उसने मुझसे पुछा कौन सा स्टेशन है भाई, मैंने कहा आगरा है। वो मेरा धन्यवाद करने लगा, जबकि अधिकतर मैंने जब किसी को अपनी सीट से उठाया है ,मन में गाली जरुर देकर जाता है, पर ये श्रीमान जी अलग थे, वो सिर्फ इसलिए क्योंकि इन्हें आगरा ही उतरना था, और मैंने इन्हें जगाकर इनका काम आसान कर दिया था । 

CHANDERI PART - 3

चंदेरी - एक ऐतिहासिक शहर,  भाग - 3 यात्रा को शुरू से ज़ारी करने के लिए यहाँ क्लिक कीजिये ।     अब हम चंदेरी शहर से बाहर आ चुके...