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Friday, January 5, 2018

Indraprastha



विश्व शांति स्तूप - इंद्रप्रस्थ, दिल्ली



       अब 2017 से 2018 में आ गए, जनवरी का महीना भी है। बाहर कोहरे की चादर चारोंतरफ तनी हुई है, इंसान को इंसान नहीं दिख रहा, सामने सड़क में गड्डा नजर नहीं आ रहा। यमुना एक्सप्रेस वे की खबरे जोरों पर हैं, सर्दी के मारे गाड़ियां एकदूसरे में घुसी जा रहीं हैं, रेलगाड़ियों की गति धीमी हो चली है,  कल सुबह आने वाली ट्रेन आज शाम तक आएगी। बाइक पर कहीं जाना तो दूर पैदल निकलने की हिम्मत नहीं हो रही और ऐसे में मन कह रहा है क्यों न कहीं घूम कर आया जाए।

Monday, October 23, 2017

RAJGIR STOOP


विश्व शांति स्तूप - राजगीर




इस यात्रा को शुरू से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

      जीवक का दवाखाना देखने के बाद हमारी घोड़ागाड़ी राजगीर के गिद्धकूट पर्वत की तरफ बढ़ चली।  कहा जाता है कि यही वो पर्वत है जिस पर बैठकर महात्मा बुद्ध ने अपने शिष्यों को उपदेश दिया था। उन्ही की याद में यहाँ एक विशाल स्तूप का निर्माण कराया गया है जो राजगीर स्तूप के नाम से जाना जाता है, इसे विश्व शांति स्तूप भी कहते हैं। यह पिकनिक के लिए बेहद खूबसूरत स्थान है यहाँ स्तूप तक जाने के लिए रोपवे की व्यवस्था है यह रोपवे एक सीट का है इसलिए यह अन्य रोपवे से थोड़ा अलग और एडवेंचर लगता है। स्तूप के चारों तरफ महात्मा बुद्ध की मूर्तियां स्वर्णिम रूप में व्यवस्थित हैं। 

      ऐसे स्तूप देश में अन्य जगहों पर भी हैं। कुछ देर मैं स्तूप के आसपास ही घूमता रहा कि तभी रोपवे कंपनी का अनाउंस हुआ कि लंच का समय हो गया है रोपवे आधा एक घंटे के लिए बंद रहेगा, इसलिए जिसे जाना हो वो अभी पहुँच सकते हैं। मैं ये सुनकर सीधे रोपवे तक पहुंचा और पहाड़ से नीचे की तरफ रवाना हो गया, रास्ते में अचनाक लाइट चली गई और रोपवे सेवा कुछ समय के लिए बंद हो गई,हम पहाड़ पर तारो के सहारे हवा में लटके हुए थे करीब पंद्रह मिनट बाद जब लाइट आई और मैं नीचे पहुंचा।

नीचे पहुंचकर मैंने टाँगे वाले बाबा को जगाया और वो मुझे लेकर वापस राजगीर पहुंचे। बाबा ने मुझे जहाँ उतरा वहीँ पास में ही वेणुवन था जो की बिम्बिसार ने महात्मा के ठहरने और रहने के लिए के लिए उन्हें भेंट किया। यह काफी बड़ा पार्क है जिसमे महात्मा बुद्ध की मूर्ति दर्शनीय है, यह एक ऐतिहासिक स्थान है जहाँ महात्मा बुद्ध ने अपने शिष्यों को उपदेश दिए थे।


राजगीर में नाश्ता 

गिद्धकूट पर्वत पर रोपवे 

विश्व शांति स्तूप तक जाने वाली रोपवे शीट 

गिद्धकूट पर्वत पर स्तूप का प्रवेश द्वार 

विश्व शांति स्तूप - राजगीर 

यह कौन सी भाषा है - अवश्य बताना 






विश्व शांति स्तूप और सुधीर उपाध्याय 


विश्व शांति स्तूप, राजगीर 

विश्व शांति स्तूप, राजगीर 

विश्व शांति स्तूप, राजगीर 

विश्व शांति स्तूप, राजगीर 

गिद्धकूट पर्वत का एक वासी 


रोपवे टिकट काउंटर 

गिद्धकूट प्रवेश द्धार 

तांगेवाले बाबा और सुधीर उपाध्याय 

घोड़ागाड़ी, राजगीर घूमने के लिए 

वेणुवन प्रवेश द्धार 

वेणुवन, राजगीर 

वेणुवन 

वेणुवन तालाब 

वेणुवन 

वेणुवन 

वेणुवन और सुधीर उपाध्याय 

वेणुवन

विश्व शांति स्तूप, राजगीर और सुधीर उपाध्याय 
अगली यात्रा - मगध एक्सप्रेस इस्लामपुर से नईदिल्ली

इस यात्रा के अन्य भाग
यात्रा क्र. यात्रा विवरण  यात्रा दिनाँक यात्रा विशेष 
अबकी बार - बिहार 20 अक्टूबर 2017  बिहार का ऐतिहासिक महत्व 
बिहार की तरफ एक सफर 21 अक्टूबर 2017  आगरा कोलकाता एक्सप्रेस 
माँ ताराचंडी देवी शक्तिपीठ धाम 22 अक्टूबर 2017  सासाराम में शक्तिपीठ 
शेरशाह सूरी और उसका मकबरा 22 अक्टूबर 2017  एक महान शासक की समाधी 
रोहतासगढ़ की तरफ एक यात्रा 22 अक्टूबर 2017  डेहरी से रोहतास 
बुद्धपूर्णिमा एक्सप्रेस 23 अक्टूबर 2017  गया, पटना और राजगीर 
राजगीर या राजगृह - एक पर्यटन 23 अक्टूबर 2017 प्राचीन मगध की राजधानी 
अजातशत्रु का किला 23 अक्टूबर 2017 मगध का प्राचीन किला 
ब्रह्मकुंड - गर्म पानी का कुंड 23 अक्टूबर 2017 गंधक युक्त औषधीय जल 
10 वैभारगिरि पर्वत और सप्तपर्णी गुफा 23 अक्टूबर 2017 प्रथम बौद्ध संगीति का आयोजन 
11 जरासंध और जरादेवी मंदिर 23 अक्टूबर 2017 महाभारत कालीन मगध सम्राट 
12 मनियार मठ 23 अक्टूबर 2017 एक बौद्धकालीन कूप 
13 सोनभंडार या स्वर्ण भंडार गुफा 23 अक्टूबर 2017 बिम्बिसार का ख़जाना 
14 बिम्बिसार जेल और जीवक का दवाखाना 23 अक्टूबर 2017 मगध के प्राचीन स्थल 
15 मगध एक्सप्रेस से एक सफर 23 अक्टूबर 2017 इस्लामपुर से टूंडला जंक्शन 

CHANDERI PART - 3

चंदेरी - एक ऐतिहासिक शहर,  भाग - 3 यात्रा को शुरू से ज़ारी करने के लिए यहाँ क्लिक कीजिये ।     अब हम चंदेरी शहर से बाहर आ चुके...